अनुसूचित जनजाति के कार्मिक को बडी सजा से पहले समिति करे जांच राष् ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से कहा है कि अनुसूचित जाति के कर्मचारी को किसी भी तरह की बडी सजा / दण् ड से पहले मामले की जांच के लिए एक ऐसी समिति बनाए जाए जिसमें अनुसूचित जनजाति के कम से कम दो सदस् य अवश् य हों। राष् ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध् यक्ष श्री नंद कुमार साय की अध् यक्षता में आज नई दिल् ली में आयोग की बैठक में यह फैसला किया गया। आयोग के संयुक् त सचिव शिशिर कुमार ने बताया कि अनुसूचित जनजाति के कार्मिक न् याय से वंचित न हों इस के लिए आयोग ने यह निर्णय किया है। आयोग की संस् तुति के अनुसार मंत्रालयों एवं विभागों में यदि जांच के लिए अनुसूचित जनजाति के अधिकारी मौजूद नहीं हैं तो उस समिति में अन् य विभागों के अनुसूचित जनजाति के अधिकारियों को शामिल किया जाये। आयोग ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण व...